Khatu Shyam Mela 2024 | लखी खाटू श्याम जी का मेला तारीख

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Khatu Shyam Mela 2024 | लखी खाटू श्याम जी का मेला | Khatu shyam ji ka mela 2024 | खाटू मेला कब है | लखी फाल्गुन मेला खाटू श्याम  2024

सबसे पहले जयकारे के साथ आगे बढ़ेंगे

“बोले खाटू वाले श्याम की जय”

” खाटू वाले बाबा श्याम की जय”

 

Khatu Shyam Mela 2024: फाल्गुन मेला बाबा खाटूश्याम जी का मुख्य मेला है। यह मेला फाल्गुन मास (मार्च) में तिथि के आधार पर षष्ठी से बारस तक 8 दिनों के लिये आयोजित किया जाता है। फाल्गुन मास की शुक्ल ग्यारस को मेले का मुख्य दिन होता है। देश-विदेश से आये हुये सभी श्रद्धालु बाबा खाटूश्याम जी का श्रृद्धापूर्ण दर्शन करते हैं और दर्शन करने के पश्चात् भजन एवं कीर्तन का भी आनन्द लेते हैं। भजनसंध्या में तरह-तरह के कलाकार आते हैं जो रातभर भजन एवं कीर्तन करते हैं।

फाल्गुन मास में अधिकतम संख्या में लाखों भक्तगण दर्शन के लिये आते हैं। भक्तों की लाखों की संख्या को देखते हुये प्रशासन की तरफ उचित व्यवस्था की जाती है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। इसके अलावा खाटूनगरी में बहुत सारी धर्मशालायें, पार्किंग तथा होटलों की भी व्यवस्था है। कुछ होटल तो बाबा के नाम से जाने जाते हैं जैसे राधेश्याम होटल, मोर्वी होटल एवं लखदातार इत्यादि।

खाटू श्याम  मंदिर 2024 कहाँ पर है

फाल्गुन मास में बाबा खाटूश्याम जी का मुख्य मेला लगता है। खाटू शयम जी का मंदिर राजस्थान राज्य के सीकर जिले में रिंगस से 18 किमी की दूरी पर स्थित है और सीकर और जयपुर से जुड़ा हुआ बाबा श्याम का धाम है। यह मेला हर वर्ष फाल्गुन मास में तिथि के आधार पर अष्टमी से बारस की तिथि तक पांच दिनों के लिये आयोजित किया जाता है। इस लक्खी मेले में देश-विदेश से लाखो की संख्या में श्रद्धालु बाबा खाटूश्याम जी के श्रृद्धापूर्ण दर्शन करने के लिए आते है। यहाँ भजनसंध्या में तरह-तरह के कलाकार आते हैं जो रातभर भजन एवं कीर्तन करते हैं।

Khatu shyam ji ka mela 2024 overviews

मेले का नाम Khatu Shyam Mela 2024
खाटू श्याम मंदिर कहाँ पर है? सीकर जिले में रिंगस से 18 किमी की दूरी पर स्थित है
फोटो श्याम मेला कब है? 12 मार्च से 21 मार्च
ऑफिसियल वेबसाइट

 

खाटू श्यामजी मेले की कहानी

खाटू श्यामजी मेले के पीछे की कहानी महाभारत के समय से भारतीय इतिहास में निहित है। महाभारत की लड़ाई शुरू होने से पहले, भीम का पौत्र, बर्बरीक भगवान कृष्ण और पांडवों के पास गया और उसने स्वेच्छा से उनकी तरफ से लड़ने के लिए आग्रह किया। बर्बरीक बहुत बहादुर और एक महान योद्धा था। भगवान शिव और अग्नि के देवता ने उन्हें तीन अचूक बाणों का आशीर्वाद दिया। उन्होंने उसे धनुष भी दिया, जिससे वह तीनों लोकों में विजयी होगा। भगवान कृष्ण ने सोचा कि यह अनुचित होगा क्योंकि युद्ध न्याय के बिना समाप्त हो सकता है क्योंकि बर्बरीक बहुत शक्तिशाली था और पांडवों और कौरवों के बीच युद्ध जल्दबाजी में समाप्त हो जाएगा।

बर्बरीक हारने वाले छोर की तरफ से लड़ाई में भाग लेना चाहता था और उसने खुद को धनुष और तीन तीरों से सुसज्जित किया और वह अपने घोड़े के पास चला गया। तब स्वामी कृष्ण ने एक चाल चली। उन्होंने उसकी ताकत को परखने करने के लिए एक ब्राह्मण का रूप लिया और केवल तीन तीरों के साथ युद्ध के मैदान में जाने के लिए उन पर तंज कसा।

बर्बरीक ने तब ब्राह्मण को समझाया कि युद्ध में सभी दुश्मनों को नष्ट करने के लिए केवल एक तीर ही काफी था। यदि वह तीनों तीरों का उपयोग करता, तो यह तीनों लोकों में अराजकता पैदा करता। भगवान कृष्ण ने उसे चुनौती दी कि वह पीपल के पेड़ के सभी पत्तों को एक तीर से बाँध दे जिसके नीचे वह खड़ा था। बर्बरीक ने अपने तरकश से एक तीर निकाला और उसे अपने धनुष से मुक्त कर दिया।

तीर ने सभी पत्तों को एक साथ बांध दिया, लेकिन भगवान कृष्ण के पैर के नीचे एक पत्ती थी। तीर फिर उसके पैर के चारों ओर घूमने लगा और उसने बर्बरीक से पूछा कि वह युद्ध में किसका पक्ष लेगा। बर्बरीक ने निश्चय किया कि वह उस पक्ष के लिए लड़ेगा, जो हार जाता है। भगवान कृष्ण ने कौरवों की हार का पूर्वाभास किया, उन्होंने सोचा कि अगर यह बहादुर लड़का उनसे जुड़ता है, तो परिणाम उनके पक्ष में होगा।

ब्राह्मण (भगवान कृष्ण) ने बालक से दान मांगा। बर्बरीक ने उसे अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी देने का वादा किया, और फिर ब्राह्मण ने सबसे बहादुर क्षत्रिय के सिर की बलि देकर रणभूमि की पूजा करने के लिए दान में उसका सिर मांगा। बर्बरीक ने तत्परता से उसकी बात मानी और उसका सिर काट दिया। भगवान कृष्ण बलिदान के साथ आसक्त थे और उन्हें दो वरदान दिए गए, अर्थात्, पहला वरदान यह था कि वह छोटी पहाड़ी से युद्ध देखेंगा, जिस पर कृष्ण उसका सिर रखा था और दूसरा यह था कि कलयुग में उन्हें ‘श्याम’ के रूप में पूजा जाएगा

बर्बरीक के सिर को खाटू में दफनाया गया था। कई लंबे समय के बाद सिर पृथ्वी में पाया गया था जब जगह खोदी की गई थी। एक ब्राह्मण ने कई दिनों तक सिर की पूजा की और फिर खाटू के राजा ने एक मंदिर बनवाया और कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष के 11 वें दिन “शीश” स्थापित किया।

Khatu Shyam Ka Mela Kab Hai | खाटू श्याम का मेला कब है

खाटू श्याम मेला 2024 – खाटू श्याम जी का फाल्गुनी लक्खी मेला 12 मार्च से 21 मार्च 2024  तक चलेगा। खाटू श्याम जी का लक्खी मेला 9 से 10 दिनों तक चलता है। यहा पर सम्पूर्ण भारत वर्ष के अलावा विदेशो से भी भक्त बाबा के दर्शनों के लिए आते है। बाबा शयाम का लक्खी मेला प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास में ही लगता है यहाँ मेले में लाखो की संख्या में भक्त बाबा के दर्शन करने के लिए आते है।

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Khatu Shyam Falgun Mela 2024 में श्याम की पूजा

भक्त खाटू श्यामजी में कृष्ण के श्याम रूप की पूजा करने आते हैं। मेला स्थानीय लोगों के कई पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों को दर्शाता है। तीर्थयात्रा का स्थान होने के अलावा, बड़ी संख्या में लोग ’जदुला समारोह’ नामक एक समारोह में पहली बार अपने बच्चों के बाल काटने की परंपरा को निभाने के लिए आते हैं।

Khatu Shyam Mela booking online

खाटू श्याम जी दर्शन (आरती का समय) आज 2023-2024: सुबह 8:00 बजे और शाम को 8:00 बजे, दैनिक। Shrishyamdarshan.in दर्शन बुकिंग ऑनलाइन पंजीकरण के लिए प्रक्रिया। मंदिर जाने से पहले आपको आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा। फागुन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि से शुरू होकर फागुन शुक्ल द्वादशी तक चलने वाले श्री खाटू श्याम उत्सव, निशान यात्रा और खाटू नगरी मेले का मिश्रित मेल फाल्गुन मेला कहलाता है। इस दिन श्याम प्रेमी उत्सव में सराबोर हो जाते हैं। अगला फाल्गुन मेला उत्सव कार्यक्रम गुरुवार, 1 जनवरी 1970 को। खाटूश्याम मेला, खाटूश्याम जी मेला, खाटूश्याम मेला, फाल्गुन मेला, खाटू मेला, खाटूश्याम जी, जय श्री श्याम, खाटूश्याम जी

खाटू श्याम मंदिर दर्शन ऑनलाइन बुकिंग 2024, @shrishyamdarshan.in

  • खाटू श्याम दर्शन के लिए ऑनलाइन टिकट अब किसी भी पोर्टल से देख सकते हैं और आप को खोजने की प्रक्रिया विस्तार पूर्वक नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करने पर मिलेगा।
  • सबसे पहले आपको खाटू श्याम जी के दर्शन के आधिकारिक वेबसाइट (shrishyamdarshan.in) पर जाना होगा।
  • वेबसाइट पर आपको होमपेज दिखाई देगा
  • जैसे ही आप होम पेज पर जाएंगे तो आपको एक पंजीकरण पृष्ठ ऊपर दाहिने तरफ दिखाई देगा जिसमें लिखा होगा टिकट खोजें । उस पर क्लिक करेंगे उसके नीचे आपको एक पेज खुलेगा।
  • आपको अपनी स्क्रीन पर एक नया पेज खुलेगा जिसमें आप को संबंधित क्षेत्रों में टिकट नंबर को टाइप करना होगा।
  • नंबर डालने के बाद आपको सर्च बटन पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपकी स्क्रीन ऑफर टिकट विवरण दिखाई

खाटू श्याम मंदिर कहाँ स्थित है?

Khatu shyam mela 2023

How to visit khatu shyam mandir

जयपुर से खाटू श्याम मंदिर 80 किमी दूरी खाटू गांव में स्थित है खाटू श्याम जी पहुंचने के लिए सबसे पहले रेल की ववस्था की गई है ।जहां बाबा के मंदिर की दूरी 18.5 किमी मीटर है रेलवे स्टेशन से निकलते ही आपको मंदिर के लिए टैक्सी और जीप लेना पड़ेगा । अगर आप फ्लाइट से जाना चाहते हैं तो सबसे नजदीक एयरपोर्ट जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है यहां से मंदिर की दूरी 95 किमी है

दिल्ली से रोड खाटू श्याम मंदिर जा रहे हैं तो आपको पहुंचने में करीब 4 से 5 घंटे लग जाएंगे। तभी जाकर आपको खाटू श्याम दर्शन हो पाएंगे इस दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं और अपनी इच्छाओं को प्रकट करते हैं।

खाटू श्याम जी के दर्शन और आरती का समय (Khatu Shyam Mandir timing) 2024

Khatu Shyam Mandir timing: अगर आप सभी खाटू श्याम मंदिर जा रहे हैं तो श्याम मंदिर का दर्शन के लिए समय पता करना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां गर्मियों और सर्दियों के मौसमों में दर्शन का समय अलग अलग होता है गर्मियों में मंदिर सुबह 4:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक भक्तों के लिए दर्शन को खुलता है वहीं शाम को 5:00 बजे से रात 9:00 बजे तक दर्शन होते हैं जबकि सर्दियों में यह मंदिरों सुबह 5:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक खुले रहते हैं और शाम को 5:00 बजे से आरती की जाती है

गर्मी मे आरती सुबह 4:30 बजे होती है जबकि सर्दियों में आरती का समय बदलकर 5:45 कर दिया जाता है गर्मियों में भगवान खाटू श्याम का सिंगार सुबह 7:00 बजे होता है तो सर्दियों में सुबह 8:00 बजे जाता है गर्मियों में आरती का समय दोपहर मे भोग 12:15 रखा गया है सर्दियों में 6: 00बजे हो जाती है गर्मियों मे पट बंद होते हैं सर्दियों के दिनों में 9:00 बजे बंद कर दिया जाता है

khatu shyam mandir kab khulega 2024, खाटू श्याम मंदिर कब खुलेगा 

Khatu Shyam Temple Open: देशभर में विख्यात खाटू श्याम मंदिर आज से फिर खुल रहा है. 85 दिनों के लंबे इंतजार बाद आज शाम 4.15 बजे मंदिर के पट खुल गए।  बेसब्री से इंतजार कर रहे बाबा के भक्त शीश के दानी का दीदार कर सकेंगे. राजस्थान (Rajasthan) के सीकर (Sikar) जिले में स्थित खाटू श्याम जी मंदिर (Khatu Shyam Ji Mandir) है।

 

Khatushyamji Falgun Lakhi Mela को लेकर तैयारी

दर्शनार्थियों के लिए होगी ये खास व्यवस्था –खाटू श्याम मेले में देशभर से लाखों लोग बाबा श्याम के दर्शन के लिए आते हैं. जिसे देखते हुए जिला प्रशासन व खाटू श्याम मंदिर समिति की ओर से मंदिर परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र में कई बड़े बदलाव किए गए हैं. मंदिर की तरफ आने वाली सभी सड़कों को चौड़ा किया गया है तो मंदिर परिसर में जिकजैक लाइन को हटाकर सीधी लाइन बनाई गई है.

ऐसे में सामान्य तौर पर श्रद्धालु प्रवेश द्वार से 3 से 4 मिनट के दौरान बाबा श्याम के दर्शन कर सकेंगे. वहीं, मेले में एक घंटे के दौरान 3 से 4 लाख लोग बाबा श्याम के दर्शन कर सकेंगे. मेले के लिए जिला प्रशासन की तरफ से सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं. इसके अलावा पुलिस ने भी एडिशनल एसपी सहित तमाम अधिकारियों को लगा रखा है. मेले के लिए खाटूश्याम क्षेत्र को 8 सेक्टरों में बांटा गया है. ताकि यहां आने वाले दर्शनार्थियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो. इसके लिए पैदल मार्ग व गाड़ियों के मार्ग को अलग किया गया है.

14 सीधी लाइन में दर्शन करेंगे श्रद्धालु – खाटू श्याम मंदिर में जिकजैक लाइनों को हटाकर अब सीधी लाइन की व्यवस्था की गई है. प्रवेश से एग्जिट तक श्रद्धालु सीधे चलते हुए बाबा के दर्शन करेंगे. मंदिर के सामने 10 लाइनें बनाई गई है. इसके अलावा 4 लाइन ऊपर की तरफ होंगे. इस हिसाब से 14 लाइनें तैयार की गई है. जिनमें श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सकते हैं. मंदिर समिति का दावा है कि प्रवेश द्वार से बाबा के मंदिर तक पहुंचने में 3 से 4 मिनट का समय लगेगा.

 

Khatu Shyam Fair 2024 importants links

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